May 27, 2024

English Spanish Urdu हिन्दी

English Spanish Urdu हिन्दी

क्या हम परमेश्‍वर के अस्तित्व को अपने तर्क से जान सकते हैं?

हाँ, मानवीय तर्क परमेश्‍वर को निश्चित रूप से जान सकता है।   

  • संसार का उद्गम और गंतव्य इसके स्वयं के भीतर से नहीं हो सकता है। प्रत्येक वस्तु जिसका अस्तित्व है, उसके बारे में, उसके दिखाई देने से कहीं अधिक, और भी बहुत कुछ होता है। इस संसार की व्यवस्था, सुन्दरता और विकास स्वयं से कहीं आगे परमेश्‍वर की ओर संकेत करते हैं। प्रत्येक व्यक्ति सत्य, भलाई और सुन्दरता का प्राप्तकर्ता है। वह स्वयं के भीतर से अपनी अंतरात्मा की आवाज़ को सुनता है, जो उसे वही करने के लिए दृढ़तापूर्वक अनुनय करती है जो भला है और उसके विरूद्ध चेतावनी देती है जो बुरा है। प्रत्येक व्यक्ति जो इस पथ का अनुसरण करता है यथोचित परमेश्‍वर को प्राप्त करता है। आमीन।
Facebook
Twitter
LinkedIn

RELATED ARTICLES

No posts found!