जनवरी 31, 2026

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सवेरे की विनती

हे हमारे पिता, मैं विश्वास करता हूँ कि तू यहाँ हाजिर है । मैं सारे दिल से तेरी आराधना करता और तूझे प्यार करता हूँ। तूने मुझको बनाया, अपने पुत्र के मरण द्वारा पाप से छुड़ाया और पवित्र आत्मा की कृपा द्वारा पवित्र किया है तूने सारी रात मुझको संभाला है और नया दिन देखने… सवेरे की विनती पढ़ना जारी रखें

क्या हम परमेश्‍वर के अस्तित्व को अपने तर्क से जान सकते हैं?

हाँ, मानवीय तर्क परमेश्‍वर को निश्चित रूप से जान सकता है।    संसार का उद्गम और गंतव्य इसके स्वयं के भीतर से नहीं हो सकता है। प्रत्येक वस्तु जिसका अस्तित्व है, उसके बारे में, उसके दिखाई देने से कहीं अधिक, और भी बहुत कुछ होता है। इस संसार की व्यवस्था, सुन्दरता और विकास स्वयं से… क्या हम परमेश्‍वर के अस्तित्व को अपने तर्क से जान सकते हैं? पढ़ना जारी रखें

हम परमेश्‍वर की खोज क्यों करते हैं?

परमेश्‍वर ने हमारे हृदय में उसकी खोज करने और उसे पा लेने की तड़प को डाल दिया है। सन्त अगस्तीन ने कहा है, “तूने हमें अपने लिए रचा है, और जब तक हमारे हृदय तुझे पा नहीं लेते तब तक बैचेन रहेंगे।” हम इस तड़प को “धर्म” के नाम से पुकारते हैं।     मनुष्य के लिए… हम परमेश्‍वर की खोज क्यों करते हैं? पढ़ना जारी रखें

क्यों परमेश्‍वर ने हमारी सृष्टि की?

परमेश्‍वर ने हमें अपने स्वतंत्र और निस्वार्थ प्रेम में हो कर रचा है।   जब एक व्यक्ति प्रेम करता है, तो उसका हृदय बहता फ़व्वारा बन जाता है। वह अपने आनन्द को दूसरों के साथ साझा करना चाहता है। वह इसे अपने सृष्टिकर्ता से प्राप्त करता है। यद्यपि परमेश्‍वर एक रहस्य है, परन्तु फिर भी… क्यों परमेश्‍वर ने हमारी सृष्टि की? पढ़ना जारी रखें

किस उद्देश्य के लिए हम इस पृथ्वी पर हैं?

हम इस पृथ्वी पर इस लिए हैं ताकि हम परमेश्‍वर को जानें, उससे प्रेम करें, उसकी इच्छा के अनुसार भला जीवन जियें, और फिर किसी दिन स्वर्ग चले जाएँ। मनुष्य होने का अर्थ परमेश्‍वर की ओर से आना और परमेश्‍वर की ओर ही चले जाना है। हमारा उद्गम हमारे माता-पिता की अपेक्षा कहीं दूर हमारे… किस उद्देश्य के लिए हम इस पृथ्वी पर हैं? पढ़ना जारी रखें