जनवरी 30, 2026

हिन्दी

यीशु – परमेश्वर का पुत्र

2000 साल पूर्व यरूशलेम में एक मसीहा ने जन्म लिया जिसने दुनिया को सिर्फ 3 वर्षों में हिलाकर रख दिया। एक मसीहा जो सबसे अलग था, जो पापियों और अधर्मियों से प्यार करता था, जो उनके उद्धार के लिए आया जो उससे नफरत करते थे, उसके चेहरे पर थूकते थे और उन्होंने उस मसीहा को… यीशु – परमेश्वर का पुत्र पढ़ना जारी रखें

किस उद्देश्य के लिए हम इस पृथ्वी पर हैं?

हम इस पृथ्वी पर इस लिए हैं ताकि हम परमेश्‍वर को जानें, उससे प्रेम करें, उसकी इच्छा के अनुसार भला जीवन जियें, और फिर किसी दिन स्वर्ग चले जाएँ। मनुष्य होने का अर्थ परमेश्‍वर की ओर से आना और परमेश्‍वर की ओर ही चले जाना है। हमारा उद्गम हमारे माता-पिता की अपेक्षा कहीं दूर हमारे… किस उद्देश्य के लिए हम इस पृथ्वी पर हैं? पढ़ना जारी रखें